Thursday, August 29, 2013

भाप

मित्रो मेरा ब्लॉग (garampani....) जो 2010 से नेट पर था, अचानक हटा दिया गया। इससे किसको आपत्ति थी, किस वजह से थी आदि जैसे कई प्रश्नों के उत्तर शायद भविष्य में मिलें। मेरा मानना है कि मेरी बौद्धिक सम्पदा को खुर्द-बुर्द किया गया है, जिसके विरुद्ध अपने विद्वान मित्रों की सलाह लेकर कानूनी कार्यवाही करूंगा। लिखना तो बंद नहीं किया जा सकता अपने हटाये गए ब्लॉग garampani (गरमपानी) के स्थान पर नया ब्लॉग panikibhaap.blogspot.com (पानीकीभाप.ब्लॉग्स्पॉट.कॉम) पर फ़िलहाल 29 अगस्त '13 से शुरू कर रहा हूँ । पिछले आलेखों को ढूंढ कर लगाने का प्रयास करूंगा।  आपसे हमेशा की तरह  प्रोत्साहन और स्नेह मिलने का विश्वास है।....उत्तराखंड में बेरोज़गारी और पलायन बड़ी समस्याएँ हैं, उनको प्राथमिकता देना चाहता हूँ-







2 comments:

  1. सच्चाई की नाव डगमगाती तो है, परन्तु डूबती कभी नहीं|

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  2. कालचक्र अपने को खुद-ब-खुद दोहराता है ...
    कारवाँ निकल जाता है,निशाँ छोड़ जाता है ...
    क्यों दुःखी होता मुसाफिर उन निशानों के लिये ,
    रेत पर जिनको बनाया था कभी शुरुवात में ।
    अब बना ऐसे निशाँ जिनको निखारे वक्त भी ,
    तोड़ने के बाद भी पत्थर के निशाँ मिटते नहीं ।

    और ...
    बचपन से सुनते आये है ...""मड़ु फोकियोल आफि देखियोल ""
    नमन सहित,आपका अजय ।

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